साइबेरिया से चली हवाओं ने गोरखपुर में मंगलवार को पारा गिरा दिया। इस सीजन में पहली बार शीतलहर चली। दिन का पारा लुढ़ककर 14.8 डिग्री पहुंच गया। शिमला में मंगलवार को अधिकतम तापमान करीब 13 डिग्री रहा, यानि गोरखपुर में बैठे ही लोगों को शिमला की ठंड का एहसास हुआ। बुधवार को भी ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी। दिन ही नहीं रात के तापमान में गिरावट आएगी।
दिसंबर में सामान्य अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री होता है, लेकिन मंगलवार को गोरखपुर का तापमान लुढ़ककर 14.8 डिग्री हो गया। पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए। सामान्य से 10 डिग्री कम तापमान और करीब 15 किलोमीटर की रफ्तार से चली पछुवा हवा की वजह से पूरे दिन कंपकंपी छूटती रही। शहर में करीब- करीब हरेक चौक चौराहों और रास्तों पर लोग अलाव तापते नजर आए
मौसम का यह बदलाव मंगलवार को एकाएक हुआ। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक साइबेरिया से चली ठंडी हवाएं ऊपरी वायुमंडल में करीब 50 किमी की रफ्तार से चलती हुई गोरखपुर पहुंची। इसके साथ ही अफगानिस्तान में सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ी इलाकों से होता हुआ मैदान तक जा पहुंचा। इस वजह से उत्तरी भारत का पूरा मैदानी इलाका शीतलहर की चपेट में है। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि बुधवार को भी ऐसी ही स्थिति रहेगी।
पिछले तीन साल में दिसंबर का सबसे ठंडा दिन
कैलाश पांडेय ने बताया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान मंगलवार को दिसंबर के महीने का सबसे ठंडा दिन रहा। 2016 में नौ दिसंबर को न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री, 2017 में 27 दिसंबर को 17.0 डिग्री, 2018 में 17 दिसंबर को 21 डिग्री दर्ज किया गया था। उत्तरप्रदेश में मंगलवार को दिन का सबसे कम तापमान बहराइच में 13.6 डिग्री दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि आने वाले दो तीन दिन काफी ठंड रहेगी।
16 डिग्री से कम तापमान पर होती है शीतलहर
कैलाश पांडेय ने कहा कि जब भी अधिकतम तापमान 16 डिग्री से कम होता है तो इसे शीतलहर माना जाता है।
ठंड के चलते आज बंद रहेंगे स्कूल
कड़ाके की ठंड को देखते हुए सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर में एक से कक्षा आठ तक के स्कूल 18 दिसंबर को बंद रहेंगे, जबकि कुशीनगर और देवरिया में कक्षा 12 तक के स्कूल दो दिन यानी बृहस्पतिवार तक बंद रहेंगे।